जल जीवन मिशन की समीक्षा में विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश, स्वच्छता और जल संरक्षण पर भी दिया जोर
पाकुड़। ग्रामीण इलाकों में हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने योजनाओं को समय पर पूरा करने की कवायद तेज कर दी है। डीसी मेघा भारद्वाज ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए दिसंबर 2026 तक शेष सभी एकल ग्राम जलापूर्ति योजनाओं को पूरा कर हैंडओवर करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागीय समन्वय की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए। डीसी ने वन विभाग, पथ निर्माण, एनएचएआई, विद्युत एवं भूमि से संबंधित लंबित स्वीकृतियों और एनओसी का शीघ्र निष्पादन कराने को कहा। साथ ही पूर्ण हो चुकी योजनाओं के नियमित संचालन और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सक्रिय कर जलापूर्ति के लिए यूजर चार्ज संग्रह की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया। बैठक में 2 से 15 अक्टूबर तक संचालित जल जनभागीदारी अभियान को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस कचरा प्रबंधन, सामुदायिक शौचालय, वेस्ट टू आर्ट पार्क और गोबरधन योजना की भी समीक्षा हुई। डीसी ने स्पष्ट किया कि पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं की सफलता केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका नियमित संचालन और जनभागीदारी भी उतना ही जरूरी है।





