अक्षय कुमार
रामगढ़। राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्कृत उत्थान विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीशदेव पुजारी अखिल भारतीय संस्कृत भारती के संस्कृत प्रचार प्रमुख ,विशिष्ट अतिथि झारखंड प्रदेश के प्रांत मंत्री पृथ्वीराज सिंह, संस्कृत भारती के प्रांत विद्यालय प्रमुख डॉ सुनील कुमार कश्यप, संस्कृत भारती के न्यासी ओमप्रकाश गुप्ता, रामगढ़ जिला संरक्षक गोविंद मेवाड़ संरक्षण ज्ञान ब्रह्म पाठक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया। कुलपति प्रो.(डॉ.) रश्मि ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और उत्थान पर बल देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक साहित्य, संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन तथा नई शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में संस्कृत के महत्व पर गहन विचार-विमर्श किया गया। श्रीदेव पुजारी ने कहा कि संस्कृत भारत की प्राचीन ज्ञान-विज्ञान, दर्शन और सांस्कृतिक विरासत की आधारशिला है तथा इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमापूर्ण संचालन कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल द्वारा किया गया मौके पर सचिव प्रियंका कुमारी, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ)अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं व्याख्यातागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए माननीय कुलाधिपति बी. एन. साह के मार्गदर्शन की सराहना की गई। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, विद्वानों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार का संकल्प दोहराया।






