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May 12, 2026 8:44 pm

आम नागरिक एवं विद्यार्थी पुस्तकालय से उठा रहे हैं लाभ

पुस्तकालय में हो जाती है कभी-कभी जगह की कमी।

राजकुमार भगत

पाकुड़। पाकुड़ राज प्लस टू हाई स्कूल रोड नगर थाना के समीप सरस्वती पुस्तकालय जो वर्तमान में नाम बदलकर मास्टर सोबरान मांझी पुस्तकालय के नाम से जाना जाता है। जिसकी स्थापना 1945 में की गई थी आज भी कायम है और वर्तमान समय में बहुत अच्छा रिस्पांस है। इस पुस्तकालय से खासकर विद्यार्थियों को काफी सहूलियत मिल रही है और उसका लाभ छात्र उठा रहे हैं। पुस्तकालय के अंदर छोटे-बड़े तीन कमरे हैं। पंखा एसी एवं वाईफाई से सुसज्जित है। हियाजुल अंसारी पुस्तकालय इंचार्ज ने बताया कि यहां सुबह 8:00 बजे से रात्रि के 10:00 बजे तक अधिकांशत छात्र अध्ययन के लिए आते हैं। कभी-कभी जगह की कमी भी हो जाती है। छात्र अपनी इच्छा अनुसार जेएसएससी आदि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते हैं। अखबार पढ़ते हैं विभिन्न महापुरुष आदि की जीवनी पढ़ते हैं। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है कभी-कभी ऐसा होता है की जगह की कमी हो जाती है। पुस्तकालय में पेयजल की भी व्यवस्था की गई है। यहां पढ़ने के लिए काफी सुविधा प्राप्त है। छात्र वाईफाई से सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को इसका लाभ उठाना चाहिए। कोई भी आम व्यक्ति प्रतिदिन पुस्तकालय में आकर निशुल्क पुस्तक पेपर का अध्ययन कर सकते हैं। अलग-अलग समय में कार्य श्रेणी बाकी गई है। हफीजुल ,उम्मीद साहा, तुषिफ अंसारी, हरिना बीबी, का विशेष ड्यूटी पुस्तकालय में दिया गया है जो अपने समय पर आकर अपनी ड्यूटी पूरा करते हैं। देखा गया कि पुस्तकालय के ऊपर सीढ़ी बनी हुई है यदि छाते पर मंजिल बना दिया जाए तो आम गणमान्य लोग के साथ-साथ विद्यार्थियों को इस पुस्तकालय से काफी लाभ मिलेगा । छात्राओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है । इसकी व्यवस्था होनी चाहिए ।पुस्तकालय के ऊपर छाते में काफी जगह खाली पड़ा है उस पर निर्माण कर पुस्तकालय का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

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