जिला परिषद की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश
पाकुड़। जिला परिषद अध्यक्ष जूली ख्रिश्तमुनि हेम्ब्रम की अध्यक्षता में शनिवार को सूचना भवन स्थित सभागार में जिला परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान जिला परिषद सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिस पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल एवं स्वच्छता, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, आपूर्ति, सहकारिता, विद्युत, सिंचाई, सड़क, भवन निर्माण सहित अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई। जिला परिषद अध्यक्ष जूली ख्रिश्तमुनि हेम्ब्रम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवाल और समस्याएं सीधे जनता से जुड़ी होती हैं। इसलिए इनका गंभीरता से संज्ञान लेते हुए समय-सीमा के अंदर तथ्यात्मक जवाब और समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि जिला परिषद सदस्यों को अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की अद्यतन जानकारी, प्रगति रिपोर्ट और कार्यों की स्थिति उपलब्ध कराई जाए, ताकि विकास कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सके।
बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, सिंचाई, आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आंगनबाड़ी सेवाओं सहित कई समस्याओं को रखा। संबंधित अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान को लेकर विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, जिला परिषद सदस्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।








