रामकुमार भगत
पाकुड़। प्राण प्रतिष्ठा का अवसर पर धर्म जागरण व समाजसेवी विश्वनाथ प्रसाद भगत ने कहा कि
श्रीरामः शरणं समस्तजगतां रामं विना का गती,
रामेण प्रतिहन्यते कलिमलं रामाय कार्यं नमः।
रामात् त्रस्यति कालभीमभुजगो रामस्य सर्वं वशे,
रामे भक्तिरखण्डिता भवतु मे राम! त्वमेवाश्रयः।।
अर्थात् – श्रीरामचन्द्र समस्त संसार को शरण देनेवाले हैं, श्रीरामचंद्र के विना कौन सी गति है ? श्रीरामचंद्र कलियुग के समस्त दोषों को नष्ट कर देते हैं, अतः श्रीरामचंद्र जी को नमस्कार करना चाहिए, श्रीरामचंद्र जी से कालरूपी भयंकर सर्प भी डरता है, जगत का सबकुछ भगवान श्रीरामचंद्र जी के वश में है, श्रीरामचंद्र जी में मेरी अखंड भक्ति बनी रहे।
जाने माने एडवोकेट विनय कुमार भगत ने कहा कि आज भगवान राम का अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा अपने आप में अंगूठा है आज 500 साल के बाद भगवान राम अपने निज धाम मंदिर में विराजमान हो गए हैं यह पल हिंदू समाज के लिए गौरव का पल है। जिन कार सेवकों अपना बलिदान दिया उन्हें बारंबार नमस्कार है। उच्च न्यायालय को नमस्कार है जिन्होंने सही न्याय दिया। वही कुंदन कुमार शुक्ला फोटोग्राफर ने बताया कि अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भगवान राम टेंट से उठकर भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं यह पल सनातन धर्म मानने वाले हिंदू धर्म के लोगों के लिए वह क्षण है जब वह पूरी तरह से अपने आप को गौरवित महसूस करते हो। उन्होंने कहा कि हम इसे राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखते बस भगवान राम अपने निज धाम मैं स्थापित हो गए यही सनातनियों के लिए सबसे बड़ी बात है। आज सपना साकार हो गया है।





