निर्जला उपवास के बाद विधि-विधान से किया पारण, घरों में बने पारंपरिक व्यंजन।
राजकुमार भगत
पाकुड़। संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के साथ माताओं द्वारा रखा गया तीन दिवसीय जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत रविवार को पारण के साथ संपन्न हो गया। शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुए इस पर्व को लेकर जिलेभर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। शनिवार को माताओं ने संतान की मंगलकामना के लिए निर्जला उपवास रखा। शाम को भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना कर व्रत कथा सुनी। रविवार को निर्धारित मुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद व्रतियों ने पारण किया और सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत पूरा किया। पारण के अवसर पर कई घरों में पारंपरिक रूप से मड़ुआ की रोटी, नोनी का साग समेत विभिन्न व्यंजन बनाए गए। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह दिखा।
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