राहुल दास
हिरणपुर (पाकुड़): शिक्षा विभाग द्वारा सभी विद्यालयों को सख्त निर्देश दी गई है कि किसी भी अवस्था मे मध्यान्ह भोजन विद्यालयों में बंद नही होना चाहिए , पर बीते पांच माह से विभाग द्वारा सरस्वति वाहिनी माता समिति को एमडीएम की राशि उपलब्ध नही कराई गई है। जहां संयोजिका द्वारा दुकानों से उधार लेकर अब तक किसी तरह बच्चो की भोजन संचालित किए हुए है। हिरणपुर में कुल 101 विद्यालयों में एमडीएम संचालित है। इसमे कक्षा एक से पांच तक के 10257 व कक्षा छह से आठ तक के 5299 बच्चे नामांकित है। एमडीएम को लेकर विभागीय रूप से चावल के अलावा राशि भी उपलब्ध कराई जाती है। इसमे कक्षा एक से पांच तक के प्रत्येक बच्चे पर 6.78 रुपये व कक्षा छह से आठ तक 10.17 रुपये व्यय की निर्धारण की गई है। इसमे गैस सहित सब्जी , दाल , तेल आदि सामानों का क्रय किया जाता है। स्थिति यह बनी हुई है कि बीते अप्रेल 2026 माह से अभी तक एमडीएम मद में राशि उपलब्ध नही कराई गई है। जबकि विभाग द्वारा आगामी दिसम्बर माह तक कि बच्चो को दिए जाने वाले अंडे की राशि उपलब्ध करा दी गई है। गुरुवार को हिरणपुर स्थित पीएमश्री मध्य विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाध्यापिका एलिजाबेथ केरकेट्टा व संयोजिका सुषमा देवी ने बताई की बीते पांच माह से हमे राशि उपलब्ध नही कराई गई है। करीब 5.70 लाख रुपये बकाया है। काफी कष्ट व परेशानी झेलते हुए एमडीएम को संचालित किए हुए है। दुकानों से ली गई उधारी को लेकर काफी मुश्किल हालात झेल रहे है। इसके साथ ही उत्क्रमित प्लस टू विद्यालय मोहनपुर की लगभग 5.20 लाख , उत्क्रमित उच्च विद्यालय डांगापाड़ा की 1.80 लाख रुपये अभी तक बकाया है। ऐसी स्थिति प्रखंड के सभी विद्यालयों की है। मिली जानकारी के अनुसार इस राशि मे केंद्र व राज्य सरकार की भी भागीदारी है। बच्चो को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने को लेकर दी गई निर्देश को धरातल में अमल तो की जा रही है , पर राशि के अभाव में माता समिति को कोपभाजन होना पड़ रहा है। उधर इसका असर भोजन की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा हसि। अधिकांश विद्यालयों में अब तो गैस को छोड़ कोयले से भोजन बनाया जा रहा है। वही मेन्यू अनुरूप भोजन में भी कठिनाई आ गई है। दूसरी ओर विभाग द्वारा विद्यालय प्रबंधन समिति की पुनर्गठन कराई जा रही है , पर बकाये राशि की भुगतान को लेकर किसी प्रकार के सरकारी पहल नही देखी जा रही है। जो एक विवाद का केंद्र बना हुआ है। आखिर समिति बदलने पर बकाये राशि की भुगतान कैसे की जाएगी ।उधर मिली जानकारी के अनुसार विद्यालयों को बीते वर्ष से ग्रांट की राशि भी उपलब्ध नही कराई गई है , जिससे कि विद्यालय की भौतिक विकास किया जा सके। इससे सहज की आकलन किया जा सकता है कि सरकारी शिक्षा की स्थिति किस ओर जा रहा है। इस सम्बंध में बीपीओ श्याम कुमार ठाकुर से सम्पर्क करने पर बताया कि बीते अप्रेल माह से एमडीएम की राशि उपलब्ध नही कराई गई है। इसके बावजूद एमडीएम सभी विद्यालयों में कार्यक्रम संचालित है। राशि को लेकर पत्राचार की गई है।






