आवेदकों की परेशानी बढ़ी, ऑनलाइन आवेदन के बाद भी लंबित हैं प्रमाण पत्र; महेशपुर के मौसम मंडल तीन महीने से काट रहे चक्कर।
पाकुड़। सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और समयबद्ध बनाने के दावों के बीच पाकुड़ जिले में जाति और स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र हासिल करना आवेदकों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। झारसेवा पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के बाद भी लोगों को प्रमाण पत्र के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे सरकारी सेवा व्यवस्था की गति और जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं। महेशपुर प्रखंड के चंडालमारा निवासी मौसम मंडल इसका एक उदाहरण हैं। उन्होंने एक अगस्त 2026 को स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। आवेदन की पावती संख्या JHLRCO/2026/638072 है। प्रमाण पत्र के इंतजार में आवेदक परेशान हैं और उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
ऑनलाइन आवेदन, लेकिन समय पर सेवा कहां?
झारसेवा पोर्टल का उद्देश्य नागरिकों को जाति, आय और स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जैसी जरूरी सेवाएं निर्धारित समय में उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद यदि आवेदन लंबे समय तक लंबित रहते हैं, तो डिजिटल व्यवस्था का लाभ आम लोगों तक पहुंचने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रमाण पत्रों की जरूरत विद्यार्थियों, नौकरी के अभ्यर्थियों और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों को पड़ती है। ऐसे में देरी उनके जरूरी कामों को प्रभावित कर सकती है।
लंबित आवेदनों की समीक्षा की जरूरत।
जिले में जाति और निवास प्रमाण पत्रों के लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा जरूरी है। यह पता लगाया जाना चाहिए कि आवेदन किस स्तर पर अटके हैं, सत्यापन में देरी क्यों हो रही है और निर्धारित समयसीमा में प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
मौसम मंडल के मामले ने भी समयबद्ध सेवा के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए हैं। अब जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि वह लंबित आवेदनों की स्थिति की समीक्षा कर आवेदकों को अनावश्यक चक्कर से राहत दिलाए और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाए।






