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May 6, 2026 11:40 pm

सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल की आवाज बनी असरदार, नहर मामले पर NGT ने लिया संज्ञान।

चांदपुर नहर पर अवैध कब्जे को लेकर NGT के सख्त रुख से जिला प्रशासन एक्शन मोड में, हर विभाग से मांगी जवाबदेही।

पाकुड़, चांदपुर नहर पर अवैध कब्जे के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सख्त रुख के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
बैठक में नहर से जुड़े सभी बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए अपर समाहर्ता ने निर्देश दिया कि हर विभाग अब तक की कार्रवाई, प्रगति और वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करे, ताकि पूरे मामले की स्पष्ट और तथ्यात्मक तस्वीर सामने आ सके। यह समिति की पहली बैठक थी, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई। निर्णय लिया गया कि विभागों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अगली बैठक में ठोस फैसले लिए जाएंगे और कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि चांदपुर नहर से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता, पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन और विधिसम्मत प्रक्रिया अनिवार्य होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इस मामले को सबसे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल ने प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने नहर पर हो रहे अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए मामला NGT और झारखंड हाई कोर्ट तक पहुंचाया। इस पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन को नहर की वास्तविक स्थिति की जांच कर अवैध कब्जे हटाने का निर्देश दिया था। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, सिंचाई विभाग, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी पाकुड़ सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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