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रजनीश यादव/प्रयागराज. विद्यार्थी जब भी घर से बाहर किसी मकसद को लेकर निकलते हैं, तो उनके जीवन में काफी संघर्ष होता है. इस दौरान उनको घर वालों पर ही आश्रित होकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करनी पड़ती है. वहीं, उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भारी भरकम रकम भी खर्च करनी पड़ती है. एक और जहां यह कोचिंग संस्थानों की फीस भरते हैं, तो वहीं प्रयागराज में रहने का रूम का किराया भी देना पड़ता है. हालांकि प्रयागराज का एक संस्थान इन छात्र-छात्राओं के संघर्ष में कदम से कदम मिलाकर खड़ा है और उन्हें मुफ्त में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देता है.
गांधी अकादमी संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश शुक्ला ने बताया कि 25 वर्ष पहले संस्थान की नींव रखी थी, तब से लेकर तकरीबन 12000 छात्र-छात्राओं ने हमारे संस्थान से तैयारी करके चयन लिया. वह खुद बच्चों को ट्रिकी मैथ पढ़ाते हैं. बच्चों को शिक्षा देने के लिए अच्छे शिक्षकों की एक टीम भी है जो कि बच्चों की हर समस्यस का समाधान करने में सक्षम है. बैंक रोड स्थिति यह संस्थान प्रयागराज में रहकर तैयारी करने वाली गरीब बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है.
कैसे पाएं प्रवेश
गांधी अकादमी संस्थान ने मुक्त शिक्षा हासिल करने के लिए कुछ शर्तों से गुजरना पड़ता है. पहली शर्त होती है कि यहां पर प्रवेश लेने वाले बच्चों को गांधी अकादमी संस्थान एक परीक्षा पास करनी होती है. इसके बाद एक साक्षात्कार भी होता है. इसके साथ बच्चों के अभिभावक से भी एक औपचारिक मुलाकात होती है. इसके बाद बच्चों को एंट्री मिलती है.
कहां से आता है फंड
गांधी अकादमी संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश शुक्ला ने बताया कि संस्थान को चलाने के लिए फंड जुटाना कठिन काम नहीं है. दरअसल यहां से पढ़कर चयनित बच्चे कोचिंग को सहयोग करते हैं, तो वहीं कई बड़े अधिकारी भी संस्थान में अपना पूरा सहयोग व समय देते हैं. इससे बच्चों को सही मार्गदर्शन भी मिल सके. इसके अलावा हमारी सागर अकैडमी भी चलती है और वहां पढ़ने वाले बच्चों से फीस ली जाती है. उससे भी गांधी अकादमी संस्थान को चलाने में फंड लिया जाता है.
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Tags: Coaching class, Competitive exams, Local18, Prayagraj News
FIRST PUBLISHED : November 25, 2023, 09:54 IST
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