एस कुमार
शहर ग्राम पंचायत में शुक्रवार को ग्राम सभा एवं जल चौपाल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जलसहिया रुक्मिणी देवी ने ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता, इसके संरक्षण और संभावित जल संकट से निपटने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर जल सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, लेकिन यह प्राकृतिक रूप में भी पूरी तरह शुद्ध नहीं होता। जल में प्राकृतिक अशुद्धियों के साथ-साथ भौतिक, रासायनिक और जैविक तत्व पाए जाते हैं, जो इसके उपयोग से पहले शुद्धिकरण की आवश्यकता को दर्शाते हैं। रुक्मिणी देवी ने जल गुणवत्ता और स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध पर चर्चा करते हुए कहा कि दूषित जल से टाइफाइड, हैजा और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलती हैं, जो बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छ जल के उपयोग, जल स्रोतों की सुरक्षा और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।





