हिरणपुर (पाकुड़): महज 16 वर्ष की उम्र में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के खामोर गांव निवासी राहुल प्रजापति ने एक अनोखा संकल्प लिया है। गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से वह साइकिल पर सवार होकर देशभर के 12 ज्योतिर्लिंग और चारधाम की कठिन यात्रा पर निकले हैं।
राहुल 26 अक्टूबर 2025 को अपने घर से निकले थे और अब तक करीब 200 दिनों का सफर पूरा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने आठ ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर लिए हैं, जिनमें उज्जैन के महाकाल, नागेश्वर, सोमनाथ, घृष्णेश्वर, भीमाशंकर, रामेश्वरम और मल्लिकार्जुन प्रमुख हैं। वहीं, चारधाम में द्वारकाधीश, रामेश्वरम और जगन्नाथ पुरी की यात्रा भी पूरी कर चुके हैं। वर्तमान में वह बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की ओर बढ़ रहे हैं और इसी क्रम में शुक्रवार को हिरणपुर पहुंचे, जहां उनसे मुलाकात हुई। राहुल बताते हैं कि अब भी उनकी यात्रा के तीन से चार महीने शेष हैं, जिसमें बाबा बैद्यनाथ, काशी विश्वनाथ और केदारनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ शामिल हैं।
कठिनाइयों से भरा सफर, लेकिन हौसला बुलंद।
इस लंबी यात्रा के दौरान राहुल को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि करीब 30 दिन ऐसे भी रहे जब उन्हें खाना नहीं मिला और कई बार सोने के लिए जगह तक नसीब नहीं हुई। बावजूद इसके उनका हौसला कभी नहीं टूटा। राहुल कहते हैं, मुझे गर्व है कि मैं मेवाड़ की धरती में पैदा हुआ हूं। रास्ते में कई जगह लोगों का सहयोग मिला, खासकर पानी और नाश्ते के रूप में। हालांकि, शाकाहारी होने के कारण कई बार भोजन को लेकर परेशानी भी हुई।
संकल्प के पीछे का उद्देश्य
राहुल के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में गौ माता के साथ हो रहे अत्याचार को लेकर उन्होंने यह यात्रा शुरू की है। उनका मानना है कि यह मुद्दा लड़ाई-झगड़े से नहीं, बल्कि जनजागरण से हल हो सकता है। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल से 27 जुलाई तक संत-महात्माओं के नेतृत्व में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम प्रार्थना पत्र देने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है।
परिवार का साथ और जिम्मेदारी का एहसास
राहुल ने बताया कि उनके परिवार में दादा-दादी, माता-पिता और एक छोटी बहन हैं, और वह घर के सबसे बड़े बेटे हैं। इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी यात्रा पर निकलना उनके दृढ़ निश्चय और सामाजिक सरोकार को दर्शाता है।






