किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए उपायुक्त ने दिए निर्देश, सिद्धकोफेड की बैठक में कई अहम फैसले।
पाकुड़। जिले में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्द्धन करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। मंगलवार को समाहरणालय में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ (सिद्धकोफेड) की निदेशक परिषद की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में जिले में राइस मिल की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि राइस मिल स्थापित होने से किसानों को धान का बेहतर मूल्य मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले लैम्पसों को तेल मिल एवं दाल मिल स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि कृषि उत्पादों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण से मूल्य संवर्द्धन बढ़ेगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का अधिक लाभ मिल सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें प्रसंस्करण और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ना भी जरूरी है। बैठक में सिद्धकोफेड के कार्यालय निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राइस मिल स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने हेतु जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी तथा उद्योग विभाग के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम परियोजना की व्यवहार्यता, संसाधनों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। बैठक में किसानों की आय वृद्धि, कृषि उत्पादों के विपणन, भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार सहित सहकारी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है। आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार व्यवस्था और प्रसंस्करण इकाइयों से किसानों को जोड़ना समय की आवश्यकता है। जिला प्रशासन किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है।
बैठक में जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, निदेशक परिषद के सदस्य, चयनित लैम्पसों के सचिव तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।





