यासिर अराफात
पाकुड़ : हिंसा प्रभावित गांव इलामी,तारानगर और नवादा गांव का शुक्रवार को डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल, एसपी एसडीपीओ एसडीएम और तमाम उच्च अधिकारियों ने दौरा किया. उच्च अधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर परिस्थिति का जायजा लिया. वहीं संयुक्त रूप से डीसी और एसपी ने कहा की इस घटना को अंजाम देने वालों के ऊपर पुलिस की पैनी नजर है. सभी दोषियों को चिन्हित कर सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालात अभी नियंत्रित है, क्षेत्र में धारा 144 लागू है. पूरे क्षेत्र में पुलिस की मुस्तैदी की गई है. डीसी ने कहा,की आम लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है. पुलिस प्रशासन आम लोगों के हित के लिए घटनास्थल पर नजर बनाए हुए हैं. वही डीसी ने जनप्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शांति की दिशा में पहल किया है. जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर करने को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसा हो गई थी. गुरुवार की शाम तक जिला प्रशासन की पहल से पूरा मामला शांत हो गया था. इसी स्थिति का जायज़ा लेने के लिए डीसी तथा पाकुड़ जिला के उच्च अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का मुयायना किया गया. साथ ही शुक्रवार को इलामी तथा तारानगर गांव में धारा 144 लागू होने के बाद क्षेत्र में सन्नाटा दिखाई दिया.स्थिति हाल फिलहाल में पूरी तरह से नियंत्रित है. क्षेत्र के सेंसिटिव इलाकों में पुलिस जवानों की मुस्तैदी देखी गई.
मामला को नियंत्रित करने में इन लोगों की है अहम भूमिका
वही इतनी बड़ी हिंसा को नियंत्रित करने में जिला प्रशासन को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा. जिला प्रशासन की कड़ी मशक्कत, स्थानीय जनप्रतिनिधि की कड़ी मेहनत के बाद मामला नियंत्रित में आया. जिला प्रशासन के अलावा प्रतिनिधियों में से तारानगर के नसीम, अंसारुल हक, मुखिया प्रतिनिधि अजमल हुसैन, पूर्व मुखिया अफजल हुसैन, इलामी पंचायत के मुखिया अब्दुल समद, समाजसेवी फिरोज आलम, समाजसेवी इलामी के हबीबुर रहमान, मौलाना डॉक्टर हशरुद्दीन मदनी की अहम भूमिका रही.







