राजमहल से 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में,
विजय पथ आसान नहीं।
सतनाम सिंह
पाकुड़। लोकसभा चुनाव 2024 में राजमहल सुरक्षित सीट इस बार चुनावी मुकाबले काफी रोमांचक होने होने वाले हैं। अंतिम चरण के 1 जून को चुनाव मैदान में इस वर्ष 14 प्रत्याशी अपनी अपनी जीत का दवा ठोक रहे हैं। कोई नहीं हार रहा है शिवा एक के जीत के। झारखंड मुक्ति मोर्चा से विजय हंसदा लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। निवर्तमान सांसद सह इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी विजय हंसदा तीसरी बार चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। यह तो वक्त बताएगा कि उनकी एडी कहां थी और चोटी कहां थी। समाज में रहने वाले अधिकांश लोगों का मानना है कि विजय हांसदा को अपनी विकास गाथा को जनता के सामने रखना चाहिए था,पर वे मुख्यमंत्री की काम को गिना रहे हैं। ठीक वैसे जैसे भारतीय जनता पार्टी मोदी की काम गिना रहे हैं। राजमहल लोकसभा संसदीय क्षेत्र में काम पर नहीं नाम पर वोट पड़ते हैं। इसलिए चुनाव जीतना यहां आसान होता है। किंतु पढ़े लिखे लोगों का एक वर्ग कहीं भाजपा से नाराज है तो कहीं झामुमो उम्मीदवार से। नाराज इस कदर कि उनके ही पार्टी के विधायक लोबिन हेंब्रम (अब निष्कासित) बागी हो गए हैं उन्होंने क्या-क्या आरोप लगाए हैं सर्व विदित है, 14 उम्मीदवारों के खड़े होने से चुनाव पूरी तरह से रोमांचित हो गए हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और झामुमो में होगा । किंतु लोबिन हेंब्रम को भी कम ना आके। चुनाव को रोमांचित करने में उनकी अहम भूमिका है। इसलिए भाजपा ताल ठोक रही है।
विजय का विजय डगर आसान नहीं लग रहा।
14 प्रत्याशी चुनाव में,किसकी वोट पर करेंगे चोट
राजमहल लोकसभा सुरक्षित सीट से निर्दलीय उमीदवार के रूप में लोबिन हेम्ब्रम, महेश पहाड़िया, दीपा टुडू एवं सेबास्टियन हेम्ब्रम कल चार उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। वहीं भाजपा से ताला मरांडी ,झामुमो से विजय कुमार हांसदा , समता पार्टी के लीली हांसदा, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ माक्ससिस्ट से गोपिन सोरेन, लोकहित आधिकारी से विनोद कुमार मंडल, नवयुवक प्रगतिशील मोर्चा से मुंशी किस्कु,प्रिपल्स ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक से खलीफा किस्कु, बहुजन समाजवादी से मरियम मरांडी, ऑल इंडिया से पाल सोरेन,राष्ट्रीय जन संभावना से अजित मरांडी चुनाव मैदान में हैं। अब देखना है जोर कितने बाजुएं कातिल में है।








