पाकुड़। दिशोम गुरु और झारखंड आंदोलन के महानायक स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को पाकुड़ के पुराना डीसी चौक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में 15 हजार से अधिक कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।आदमकद प्रतिमा का अनावरण महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, उपायुक्त मेधा भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, झामुमो जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम, प्रदेश कांग्रेस महासचिव तनवीर आलम सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने नारियल फोड़कर और फीता काटकर किया। इसके बाद सभी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिमा अनावरण से पहले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए पुराना डीसी चौक पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पूरा जीवन गरीबों, शोषितों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए बीता। उन्होंने महाजनी प्रथा और शोषण के खिलाफ आंदोलन खड़ा किया तथा आदिवासियों को उनकी जमीन वापस दिलाने के लिए निर्णायक संघर्ष किया। रात्रि पाठशाला, नशाबंदी अभियान और सहकारी खेती जैसे प्रयासों के जरिए उन्होंने समाज में जागरूकता पैदा की।
लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि गुरुजी ने आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों के लिए अपना घर-परिवार तक छोड़कर संघर्ष किया। उनके अथक प्रयासों और लंबे संघर्ष का परिणाम है कि आज झारखंड की जनता अपने अधिकारों और अस्मिता के साथ ‘अबुआ दिशोम, अबुआ राज’ का सपना देख रही है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव तनवीर आलम ने कहा कि झारखंड के आदिवासियों और मूलवासियों की पहचान को मजबूत करने में शिबू सोरेन का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड के निर्माण और यहां के लोगों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज को नशामुक्त बनाने और शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के निर्माण में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की भूमिका ऐतिहासिक रही। नेमरा जैसे छोटे गांव से निकलकर उन्होंने झारखंड को देश-दुनिया में पहचान दिलाई। उनके संघर्ष, सादगी और जनसेवा को हमेशा याद किया जाएगा।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही उनके सपनों का विकसित, समृद्ध और सशक्त झारखंड बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में झामुमो के पदाधिकारी, विभिन्न प्रखंडों के कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।











