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June 19, 2026 5:56 pm

पाकुड़ केकेएम महाविद्यालय के आदिवासी छात्र-छात्राओं ने मनाई संताल परगना स्थापना दिवस।

राजकुमार भगत

पाकुड़ केकेएम महाविद्यालय के आदिवासी छात्र संघ ने सिद्धू कान्हू मुर्मू पार्क में सिद्धू कान्हू मुर्मू एवं चांद भैरव के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संथाल परगना स्थापना दिवस मनाया।
संथाल आदिवासी छात्र-छात्राओं ने सिद्धू कान्हू मुर्मू एवं चांद भैरव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर आदिवासी छात्र नायक कमल मुर्मू ने कहा कि- इसी दिन 22 दिसंबर 1855 को झारखंड के संताल परगना अलग हुआ था। लगभग 30,000 हजार से अधिक संताल महापुरुषों ने अपना कुर्बानी देकर यह संताल परगना को आजादी दिलाई थी। आज भाषा दिवस भी है। साथ ही साथ 22 दिसंबर 2008 को संताली भाषा को आठवीं अनुसूची में भी सरकार शामिल की थी की बात कही।इसीलिए आज का दिन संताल आदिवासियों के लिए खास दिन है।सिद्धू कान्हू मुर्मू एवं चांद भैरव पर प्रकाश से डालते हुए उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटिश सरकार के हुकूमत से संताल परना में महाजन प्रथा के माध्यम से यहां के संताल लोगों को शोषण करते थे। सिद्धू कान्हू मुर्मू एवं चांद भैरव जसे महापुरुष नेताओं ने अंग्रेजों को घुटना ठेकने में मजबूर करते हुए यहां के लोगों को इस प्रकार कई सोसन से मुक्ति दिलाई की बात कही।

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