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June 28, 2026 11:50 pm

करोड़ों का जलापूर्ति प्लांट तैयार, फिर भी प्यासे हैं ग्रामीण।

सात साल बाद भी अधूरी पड़ी संपूर्ण ग्रामीण पाइपलाइन योजना, 147 गांवों के लोगों को नहीं मिला नल का जल।

पाकुड़िया। प्रखंड क्षेत्र में हर घर नल से जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना वर्षों बाद भी धरातल पर पूरी तरह उतर नहीं सकी है। लगभग सात साल बीत जाने के बाद भी संपूर्ण ग्रामीण पाइपलाइन जलापूर्ति योजना शुरू नहीं हो पाई है। करोड़ों रुपये की लागत से सलगापाड़ा में बना 12 एमएलडी क्षमता का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार है, लेकिन इसका लाभ अब तक ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है।
योजना के तहत वर्ष 2023-24 तक प्रखंड की 18 पंचायतों के 147 गांवों में पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए 9 पंचायतों में लाखों लीटर क्षमता वाली पानी टंकियों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। कई गांवों में घर-घर नल कनेक्शन लगाए गए हैं, लेकिन नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है। वहीं कई गांवों में अभी तक कनेक्शन का काम अधूरा है, जबकि पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद कई जगह पीसीसी सड़क का निर्माण हो गया है, जिससे पाइप जमीन के नीचे दब गए हैं। अब कनेक्शन देने के लिए सड़कों को तोड़ना पड़ेगा, जिससे अतिरिक्त खर्च और परेशानी दोनों बढ़ेंगी। योजना में हो रही देरी से जहां ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आज भी कई गांवों में लोग पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जलापूर्ति योजना को चालू किया जाए, ताकि करोड़ों की लागत से तैयार प्लांट और पानी टंकियां बेकार न हों और लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।

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