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April 28, 2026 5:20 am

महेशपुर विधानसभा: त्रिकोणीय टिकट रेस में कौन मारेगा बाजी?

महेशपुर विधानसभा की राजनीति में नया मोड़, जूली हेम्ब्रम ने ठोकी दावेदारी!

प्रो. स्टीफन मरांडी या जूली ख्रिष्टमणी हेम्ब्रम या उपासना मरांडी: कौन होगा महेशपुर का झामुमो प्रत्याशी?

बजरंग पंडित पाकुड़।

पाकुड़: झारखंड विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही महेशपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के टिकट को लेकर त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन गई है। वर्तमान विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, उनकी पुत्री उपासना मरांडी उर्फ पिंकी और जिला परिषद अध्यक्षा जूली खृष्टमनी हेम्ब्रम के बीच टिकट की दावेदारी ने क्षेत्र की राजनीति को रोचक मोड़ पर ला खड़ा किया है।

तीन प्रमुख दावेदार

प्रो. स्टीफन मरांडी: वर्तमान विधायक के रूप में उनका कद काफी बड़ा है। तृतीय बार विधानसभा चुनाव लड़ने की उनकी योजना क्षेत्र में चर्चा का विषय है। उनके प्रति जनता की सहानुभूति और लंबे राजनीतिक अनुभव को नकारा नहीं जा सकता।

उपासना मरांडी (पिंकी): प्रो. मरांडी की पुत्री के रूप में राजनीति में नया चेहरा हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रो. मरांडी अपनी सुपुत्री को आगे करने की कोशिश में हैं। युवा चेहरे के रूप में उनकी दावेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जूली खृष्टमनी हेम्ब्रम: जिला परिषद अध्यक्षा के रूप में उनका सफल कार्यकाल उनकी राजनीतिक क्षमता का प्रमाण है। स्थानीय नेतृत्व और जमीनी पकड़ के मामले में वह मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।

क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता

जूली खृष्टमनी हेम्ब्रम ने पिछले कुछ महीनों में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। हाल ही में रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। सोरेन द्वारा क्षेत्र में मजबूती से काम करने का निर्देश और आशीर्वाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विकास का एजेंडा

“महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मैं पूरी तरह तैयार हूं। अगर पार्टी आलाकमान मुझे इस योग्य समझती है और टिकट देती है, तो मैं विकास के मुद्दों पर मजबूती से चुनाव लड़ूंगी,” जूली ने स्पष्ट किया। उन्होंने क्षेत्र के चौमुखी विकास का वादा किया है।

स्थानीय समीकरण

क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवार को वरीयता देने की मांग प्रमुखता से उठ रही है। जूली की स्थानीय छवि और सर्वधर्म समभाव की नीति उनके पक्ष में मजबूत तर्क है। “मैं सभी धर्म और वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती हूं,” उन्होंने कहा।

पार्टी का पेच

झामुमो के सामने अब कठिन फैसला है। एक तरफ अनुभवी प्रो. मरांडी हैं, तो दूसरी ओर युवा ऊर्जा के रूप में उपासना मरांडी और स्थानीय नेतृत्व के रूप में जूली हेम्ब्रम। पार्टी को जीत के समीकरण और स्थानीय जनभावनाओं का संतुलन बिठाना होगा।

विपक्ष की रणनीति

जूली की मजबूत दावेदारी ने विपक्षी दलों की चिंता बढ़ा दी है। अन्य राजनीतिक दल अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने को मजबूर हो गए हैं। क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

जनता की प्रतिक्रिया

स्थानीय जनता में टिकट को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोग प्रो. मरांडी के अनुभव को महत्व दे रहे हैं, तो कुछ नए चेहरे की मांग कर रहे हैं। जूली की लोकप्रियता भी क्षेत्र में देखी जा सकती है।

आगे की राह

पार्टी आलाकमान के सामने तीनों दावेदारों के बीच सर्वमान्य निर्णय लेने की चुनौती है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना होगा। क्षेत्र की जनता भी उत्सुकता से पार्टी के फैसले का इंतजार कर रही है।

सूत्रों की मानें तो पार्टी जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है। जो भी हो, यह तय है कि महेशपुर की राजनीति में नया मोड़ आने वाला है, जिसका असर आगामी चुनाव परिणामों पर गहरा होगा।

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