अक्षय कुमार
बोकारो। रविवार को मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, योगेंद्र प्रसाद बोकारो जिला अंतर्गत बोकारो स्थित शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) में आयोजित बोकारो आदिवासी महोत्सव 2026 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम में आगमन पर मंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाज, अंगवस्त्र, नन्हा पौधा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।



इसके पश्चात उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। महोत्सव के दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए आदिवासी कला, संस्कृति, परंपरा एवं स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। वहीं पारंपरिक छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। इस अवसर पर मंत्री ने आदिवासी समाज के बीच सामूहिक भूमि पट्टों का वितरण किया तथा वन क्षेत्रों में पेट्रोलिंग के लिए दोपहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अपने संबोधन में मंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, भाषा, कला एवं परंपरा हमारी पहचान और गौरव है। आदिवासी दिवस हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लेने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं तकनीकी ज्ञान युवाओं को आत्मनिर्भर, कुशल एवं रोजगारोन्मुख बनाने का सशक्त माध्यम है।



राज्य सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से लगन, अनुशासन एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी समाज की पहचान, अधिकार और संस्कृति का संरक्षण करते हुए विकास की गति को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर विधायक चंदनकियारी उमाकांत रजक, विधायक बोकारो श्वेता सिंह, उपायुक्त बोकारो, पुलिस अधीक्षक बोकारो, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी चास, झामुमो जिला अध्यक्ष, झामुमो जिला सचिव, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी एवं साहित्यकार डॉ. रणेन्द्र कुमार, आदिवासी समाज के सम्मानित अतिथिगण प्रो. संतोष किंडो, प्रो. रामचंद्र उरांव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।





