ग्रामीणों के आंदोलन का असर: अंचल अधिकारी के निर्देश पर शुरू हुआ गड्ढों से पानी निकालने का काम, स्थायी सड़क निर्माण की मांग पर अड़े ग्रामीण।
अमर भगत
अमड़ापाड़ा/पाकुड़। जर्जर सड़क के खिलाफ सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखा। सड़क की बदहाली से परेशान युवाओं और ग्रामीणों ने मुख्य बाजार के नीचे चौक, पीपीएल मोड़ और बरमसिया मोड़ पर करीब चार घंटे तक सड़क जाम कर दिया। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले आंदोलन से कोयला परिवहन सहित भारी वाहनों की आवाजाही ठप रही। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और कोयला कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी कर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि खनन क्षेत्र से सरकार को राजस्व और डीएमएफटी की राशि मिल रही है, इसके बावजूद प्रभावित क्षेत्र की मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी जमा रहने से आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने सड़क के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं में सुधार की भी मांग उठाई।

अंचल अधिकारी के निर्देश पर डीबीएल ने शुरू कराया काम
आंदोलन की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद अंचल अधिकारी के निर्देश पर डीबीएल कोल कंपनी की मशीनें सड़क पर पहुंचीं और मरम्मत का काम शुरू कराया गया। सबसे पहले बड़े-बड़े गड्ढों में जमा पानी निकालने का काम शुरू किया गया। पानी निकलने के बाद गड्ढों को भरकर तत्काल आवागमन सुगम करने की तैयारी है। मरम्मत कार्य शुरू होने के दौरान आंदोलन कर रहे स्थानीय युवा भी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि गड्ढों में मिट्टी-मोरम डालकर की जाने वाली अस्थायी मरम्मत पर्याप्त नहीं है। उन्हें सड़क का स्थायी और समुचित निर्माण चाहिए। ग्रामीणों ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में मुखिया गयालाल देहरी सहित विशाल कुमार, मो. जहांगीर, अमन कुमार, निखिल कुमार, विजय भगत, संतोष रजक, अमित भगत, संजय रजक समेत सैकड़ों युवा और ग्रामीण मौजूद थे।








