लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नहीं होगी कोई रियायत,सीमा क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी, डीसी
पाकुड़। जिले में अवैध खनन, परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह समेत जिले के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अवैध खनन के मामलों और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि मई से जून तक अवैध खनन से जुड़े 9 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 2650.42 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला है, जिसमें अब तक 485.05 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को खनन नियमों की जानकारी रखते हुए सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पाकुड़ अंतरराज्यीय सीमा से जुड़ा जिला है, ऐसे में वाहनों और चालानों की नियमित जांच जरूरी है। अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। एसपी अनुदीप सिंह ने थाना प्रभारियों और अंचल अधिकारियों को रात में औचक जांच अभियान चलाने और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।








