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कैलाश कुमार/बोकारो. आज के आधुनिक दौर में सिलाई प्रमुख कौशल हुनर में से एक है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर होने के साथ आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाता है, क्योंकि आज सिलाई उद्योग में कई सारे बिजनेस जुड़े हुए हैं, जो रोजगार के नए अवसर प्रदान करते हैं.
ऐसे में बोकारो के महुआर गांव में स्थित निशुल्क सिलाई सेंटर जहां ज्ञानी दुबे द्वारा गांव की महिलाओं को निशुल्क सिलाई मशीन पर कपड़े सिलने की ट्रेनिंग दी जा रही है.ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बनखुद का व्यवसाय शुरू कर सके.
निशुल्क सिलाई सेंटर की संचालिका ज्ञानी दुबे ने लोकल 18 को बताया कि नारी सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए. उन्होंने 1 वर्ष पहले एक मशीन के साथ मुफ्त सिलाई ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत कीष लेकिन जब उन्होंने गांव की महिलाओं में सिलाई सीखने का उत्साह देखा, तब उन्होंने दो मशीन और खरीदी ताकि महिलाओं को ट्रेनिंग के दौरान सुविधा हो और वह आसानी से ट्रेनिंग कर सकें.
ज्ञानी ने बताया कि आज उनके निशुल्क सिलाई सेंटर में लगभग 40 महिलाएं सिलाई सीख रही हैं और उनके यहां हफ्ते के 6 दिन दोपहर 3:00 बजे से लेकर शाम 5:00 तक सिलाई की ट्रेनिंग दी जाती है. जिसमें महिलाओं को सूट ब्लाउज इत्यादि, सिलना सीखाया जाता है. निशुल्क सिलाई सेंटर का सारा खर्च वह खुद से मैनेज करती हैं, बिना किसी संस्था के मदद से.
घर को चलाने में मिलती है मदद
वहीं, सिलाई सेंटर पर सीख रही पूजा कुमारी ने बताया कि वह पिछले 6 महीने से सिलाई सीख रही और सिलाई का काम सीखकर उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है. उन्होंने बताया कि आज मेरे हाथ में हुनर आ गया है. इसी की बदौलत आज मैं अपने दम पर थोड़ा ही सही पर कमाई करके अपने परिवार को चला पा रही हूं.
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FIRST PUBLISHED : November 24, 2023, 15:06 IST
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