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September 30, 2026 8:46 pm

बाल विवाह रोकने गांव-गांव उतरेगा प्रशासन, ड्रॉपआउट बच्चों पर भी रहेगी नजर

‘प्रोजेक्ट तारा’ के तहत बनी कार्ययोजना, पंचायत से स्कूल तक निगरानी; बाल विवाह की सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

पाकुड़। जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने अब रोकथाम की मुहिम तेज करने की तैयारी की है। ‘नव-दिशा पाकुड़’ के तहत शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट तारा’ में बाल विवाह की निगरानी से लेकर स्कूल ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने तक की कार्ययोजना तैयार की गई है। बुधवार को डीसी मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई बैठक में संबंधित विभागों और सहयोगी संस्थाओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक में NFHS-5 और NFHS-6 के आंकड़ों के आधार पर जिले में बाल विवाह की स्थिति पर चिंता जताई गई। डीसी ने कहा कि बाल विवाह रोकना सिर्फ किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस, पंचायत, स्कूल, समाज और आम लोगों की साझा जिम्मेदारी है। संभावित बाल विवाह की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी और हेल्पलाइन को तत्काल सूचना देकर समय रहते हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया गया।

हर पंचायत और गांव में सक्रिय होंगी समितियां।

हिरणपुर की सभी पंचायतों में बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियां गठित होने की जानकारी दी गई। डीसी ने शेष प्रखंडों, पंचायतों और गांवों में समितियों के गठन या पुनर्गठन के साथ उनकी हर माह बैठक अनिवार्य करने का निर्देश दिया।

ड्रॉपआउट बच्चों की होगी ट्रैकिंग

कक्षा 6 से 10 तक के स्कूल ड्रॉपआउट बच्चों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। जेएसएलपीएस को कक्षा 8 से 10 के ड्रॉपआउट किशोर-किशोरियों और उनके परिवारों से संपर्क कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। जरूरतमंद परिवारों को स्वयं सहायता समूह और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

विवाह से जुड़े लोगों को भी अभियान में जोड़ा जाएगा

उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल ने चौकीदार, परगनैत, ग्राम प्रधान, धर्मगुरु, प्रिंटिंग प्रेस संचालक, कैटरिंग संचालक और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। पंचायत स्तर पर विवाह रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

स्कूलों में होगी साप्ताहिक चर्चा

मिडिल, हाई स्कूल, निजी विद्यालय, मदरसा और प्लस-टू स्कूलों में आईसीटी सेंटर के माध्यम से बाल विवाह विरोधी ऑडियो-वीडियो सामग्री दिखाई जाएगी। प्रार्थना सभा के बाद साप्ताहिक चर्चा के साथ भाषण, पेंटिंग, स्लोगन और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी होंगी।

बाल तस्करी पर भी नजर

बैठक में बच्चों को दलालों के जरिए दूसरे शहरों में ले जाने की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। पुलिस और संबंधित विभागों को बाल तस्करी तथा बच्चों के असुरक्षित पलायन पर निगरानी बढ़ाने और आपसी समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

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