सतनाम सिंह
पाकुड़: भीषण गर्मी के बीच जिले में गहराते पानी, बिजली और स्वास्थ्य संकट को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रेलवे मैदान से पार्क तक पैदल मार्च निकालते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए और सड़क पर मटके फोड़कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन में महिला मोर्चा की सक्रिय भागीदारी चर्चा का केंद्र रही। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर नजर आए।बैनर पर लिखा बिजली, पानी दे ना सके जो, वह सरकार निकम्मी है… जो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है” — लोगों का ध्यान खींचता रहा।भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मिसफिका हसन ने कहा कि राज्य में पानी और बिजली की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक लोगों को पर्याप्त पानी और बिजली नहीं मिलेगी, तब तक भाजपा का जन आंदोलन जारी रहेगा। वहीं भाजपा केंद्रीय समिति सदस्य मीरा प्रवीण सिंह ने कहा कि राज्य में पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरों में घंटों बिजली कटौती हो रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी बदतर है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जल मीनार और चापाकल बंद पड़े हैं, जिससे महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।मीरा प्रवीण सिंह ने भावुक होते हुए कहा, “अब घर आए किसी मेहमान को एक गिलास पानी देने से पहले भी सोचना पड़ता है।” उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में गर्भवती महिलाओं को टोटो (ई-रिक्शा) से अस्पताल ले जाना पड़ता है और कई बार रास्ते में ही प्रसव की नौबत आ जाती है। भाजपा जिला अध्यक्ष सरिता मुर्मू ने कहा कि पाकुड़ जिले के अधिकांश गांवों में लोग तीन किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ विकास के दावे कर रही है, जबकि गांवों की वास्तविक स्थिति बेहद खराब है।
भाजपा नेता बाबूधन मुर्मू ने कहा कि झारखंड सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं को दूर करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि गांवों में लोग पानी और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हैं, लेकिन सरकार सिर्फ घोषणाओं और विज्ञापनों में विकास दिखा रही है।उन्होंने कहा, आज आम जनता बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रही है। ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली गायब रहती है, जिससे किसानों, छात्रों और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार को सिर्फ वादे नहीं, जमीन पर काम करके दिखाना चाहिए। बिजली व्यवस्था पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात करती है, लेकिन जब गांवों में बिजली आती ही नहीं है, तो बिल कहां से आएगा?

भाजपा नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके उपरांत भाजपा कार्यकर्ताओं उपायुक्त कार्यालय जाकर मांग पत्र सौंपा।






