शहरग्राम से रेलवे साइडिंग के बीच दबंगों का आतंक, ट्रक मालिकों ने SP से लगाई गुहार।
हर ट्रिप पर 3000 हजार तक की वसूली, किश्त चुकाना हुआ मुश्किल
पाकुड़ जिला अंतर्गत वैध रूप से गिट्टी (पत्थर) का परिवहन करने वाले ट्रक और हाईवा संचालकों ने स्थानीय दबंगों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहरग्राम के विभिन्न क्रशरों से वैध चालान के जरिए रेलवे साइडिंग तक गिट्टी ले जा रहे वाहनों से दिन-रात अवैध वसूली की जा रही है। इस संबंध में ट्रक एवं हाईवा मालिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर जान-माल की सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रति ट्रिप 3,000 हजार की मांग, मना करने पर पथराव
एसपी को सौंपे गए पत्र के अनुसार, शहरग्राम से मालपहाड़ी रेलवे साइडिंग के बीच पड़ने वाले विभिन्न थाना क्षेत्रों (महेशपुर, हिरणपुर, पाकुड़ टाउन और मालपहाड़ी ओ० पी०) में रंगदारी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। दबंगों द्वारा शहरग्राम, बनपोखरिया, सिमलढाप, शिवतल्ला, रामपुर, पॉलिटेक्निक कॉलेज, आसनडीपा, और यहाँ तक कि उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने और दुर्गापुर मोड़ से पाईकपाड़ा मोड़ तक गाड़ियों को जबरन रोका जाता है।
आरोप है कि असामाजिक तत्वों द्वारा प्रति ट्रिप लगभग 3,000 हजार (तीन हजार रुपये की अवैध मांग की जाती है। राशि देने से इनकार करने पर वाहनों पर पथराव कर उनके शीशे तोड़ दिए जाते हैं और ड्राइवरों व खलासियों के साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है। ट्रक मालिकों का कहना है कि यह आतंक पिछले दो महीनों से निरंतर जारी है।

फाइनेंस की किश्त भरना हुआ दूभर
वाहन मालिकों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्होंने बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के माध्यम से कर्ज लेकर गाड़ियां खरीदी हैं। इस रंगदारी और अवैध वसूली के कारण अब गाड़ियों का सही ढंग से परिचालन करना असंभव हो गया है, जिससे उनके सामने गाड़ियों की मासिक किश्त (EMI) भरना भी बेहद मुश्किल हो गया है। अवैध कमाई को देखकर अब अन्य गांवों के असामाजिक तत्व भी इस धंधे में शामिल होने लगे हैं।

इन व्यवसायियों ने दर्ज कराई आपत्ति
पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में पल्लब अधिकारी, मो. गुलाम सरवर, मो. नजरुल, अरमान जावेद, मनोज कुमार, झल्लू चौहान, रंजन घोष, भवेश्वर शाह और निमाई मंडल समेत कई प्रमुख ट्रक व हाईवा संचालकों के हस्ताक्षर शामिल हैं। व्यवसायियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध वसूली और गुंडागर्दी पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी।






