लॉक डाउन के बाद से ही बंद है जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र।
सतनाम सिंह
पाकुड़: नौनिहाल की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं. सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं संचालित हैं. बच्चों को पढ़ाई में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण जगह जगह हो हुआ है. लेकिन कई भवनों के निर्माण में कोताही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. दरअसल मामला पाकुड़ सदर प्रखंड के किस्मत कदमसार पंचायत के कोटीपाड़ा की है जहां आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर होने के कारण सेविका नौनिहालों को अपने घर में ही पढ़ाने को विवश है। सेविका ने नये भवन की मांग को ले सीडीपीओ से लेकर जिला समाज कल्याण विभाग व वरीय पदाधिकारी के पास भी गुहार लगा चुकी है।बावजूद केंद्र के नाम पर सिर्फ मायूसी हाथ लगी है।सेविका सुमित्रा प्रमाणिक ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र वर्षों से जर्जर पड़ा है। लॉकडाउन के दौरान लम्बी अवधि तक केंद्र बंद था।केंद्र बंद रहने के कारण और भी खराब हो गया है। उसके बाद सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का निर्देश आया और केंद्र पहुंचे तो भवन पूरी तरह से खराब हो गया था। छत भी टूटकर गिरने लगा था। नौनिहालों बैठाकर पढ़ाने में काफी डर लग रहा था।आंगनबाड़ी केंद्र के बगल में बने पीसीसी सड़क अधिक ऊंची होने के कारण केंद्र में ही बरसात का पानी घुस जाता था और बच्चों को बैठने में जगह तक नहीं मिल रहा था। जिला परिषद सदस्य रोजीना बीबी ने बताया कि केंद्र की निर्माण को लेकर विभाग से कई बार मुलाकात किए है।विभाग व वरीय पदाधिकारी द्वारा केंद्र देने के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही दिया है। आश्वासन मिलने के बाद भी नया भवन का निर्माण नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि घर में किसी तरह छोटे-छोटे नौनिहालों को प्रारंभिक शिक्षा दे रहे है।आंगनबाड़ी केंद्र तीन साल से जर्जर पड़ा है। जर्जर पड़े भवन निर्माण को लेकर डीडीसी को आवेदन भी सौंपा गया है।आवेदन देने के बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं किया गया है। सिर्फ इतना ही नही केंद्र नहीं रहने के कारण गांव के अन्य लोगों को भी हर तरह की जानकारी नहीं मिल पाती है।
सीडीपीओ सविता कुमारी ने बताया कि पाकुड़ में कई आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर स्थिति में है। डीएमएफटी फंड के तहत फिलहाल सदर प्रखंड के किस्मतकदमसर के कोठीपाड़ा, चेंगाडांगा पुर्वी टोला एवं दुबराजपुर आंगनबाड़ी केंद्रों का नया भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र का भवन नए सिरे से बनाया गया।













