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August 3, 2026 10:12 pm

आदिवासी गांवों में गूंजेगी परंपरा की आवाज, 16 ग्राम सभाओं को मिले पारंपरिक वाद्य यंत्र।

ITDA की पहल से संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा, बीडीओ-सीओ ने ग्राम प्रधानों की मौजूदगी में किया वितरण।

अमर भगत

पाकुड़:‌‌ आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों को अक्षुण्ण रखने तथा बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई है। एकीकृत जनजातीय विकास अभिकरण (ITDA) की ओर से अमरापाड़ा प्रखंड की 16 ग्राम सभाओं के बीच पारंपरिक वाद्य यंत्रों का वितरण किया गया। प्रखंड मुख्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रमोद कुमार गुप्ता एवं अंचल अधिकारी (सीओ) औसफ अहमद खां ने संयुक्त रूप से ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों की उपस्थिति में इन वाद्य यंत्रों को सौंपा।

सांस्कृतिक विरासत को सहेजना जरूरी: बीडीओ

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहा कि आदिवासी समाज की वास्तविक पहचान उसकी विशिष्ट संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं से है। आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पारंपरिक वाद्य यंत्रों का यह संरक्षण और उपयोग आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील

अंचल अधिकारी औसफ अहमद खां ने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि कला और संगीत समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने और अपनी अनमोल सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने की अपील की।

ग्राम प्रधानों ने जताई खुशी

ITDA की इस अनूठी पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कार्यक्रम में मौजूद ग्राम प्रधानों ने कहा कि इस कदम से गांव-गांव में होने वाले सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में पारंपरिक कला, गीत व संगीत को नया जीवन मिलेगा।इस विशेष अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, स्थानीय ग्रामीण तथा प्रखंड व अंचल कार्यालय के तमाम अधिकारी एवं कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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