इकबाल हुसैन
महेशपुर/पाकुड़। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल के तहत प्रवाह संस्था और SBI Foundation के संयुक्त तत्वावधान में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। प्रशिक्षण के पहले दिन 30 महिला किसानों को मशरूम की वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञ संजय कुमार ने महिलाओं को ऑयस्टर, बटन, पैडी स्ट्रॉ और मिल्की मशरूम की खेती के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि ऑयस्टर मशरूम की खेती कम लागत और कम जगह में आसानी से की जा सकती है। छोटे से हवादार और साफ कमरे में भी 45 दिनों के अंदर उत्पादन शुरू हो सकता है, जिससे महिलाएं घर बैठे अतिरिक्त आमदनी कर सकती हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, बीज तैयार करने, बेड बनाने, देखभाल और फसल तैयार करने तक की जानकारी दी गई। महिलाओं ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें खेती के नए तरीके और रोजगार का नया अवसर मिला है। प्रवाह संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि SBI Foundation के सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण के अगले चरण में प्रायोगिक अभ्यास के साथ-साथ बाजार से जुड़ाव और उत्पाद की बिक्री की जानकारी भी दी जाएगी।





