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September 27, 2026 6:24 pm

एसआईआर पर कांग्रेस का हमला, 28 को डीसी कार्यालय तक संविधान बचाओ मार्च।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, भाजपा पर भी साधा निशाना; स्वतंत्र जांच और मतदाता सूची की समीक्षा समेत 6 मांगें।

पाकुड़। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पाकुड़ में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉक्टर तनवीर आलम व कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव, डिजिटल एवं डेटा प्रबंधन और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाते हुए 28 सितंबर को डीसी कार्यालय तक संविधान बचाओ मार्च सह विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR के नाम पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। किसी पात्र नागरिक का नाम उचित प्रक्रिया के बिना नहीं हटना चाहिए और अपात्र नामों पर भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी SIR-2026 के तहत मतदाता नाम खोजने, नोटिस का जवाब देने और नए मतदाता पंजीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।

आयोग से सवाल, भाजपा पर भी हमला।

डॉक्टर तनवीर आलम ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग से जुड़े सवालों का जवाब आयोग को देना चाहिए, लेकिन भाजपा कई मौकों पर आयोग के बचाव में सामने आती है। कांग्रेस ने इसे लेकर राजनीतिक सवाल उठाते हुए आयोग की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि SIR को लेकर कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी, लंबे समय से सवाल उठाता रहा है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े आरोपों की जांच की मांग

प्रेस वार्ता में डॉक्टर तनवीर आलम ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े आरोपों, उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र एवं व्यापक जांच की मांग रखी। हालांकि निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें CEC के रूप में पदभार संभाला था।

IT सिस्टम और डेटा प्रबंधन पर भी उठाए सवाल।

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली, डेटा प्रबंधन और केंद्रीकरण से जुड़ी प्रक्रियाओं का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की। पार्टी का कहना है कि चुनावी डेटा और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पारदर्शी समीक्षा जरूरी है।

कांग्रेस की 6 प्रमुख मांगें

  1. मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच।
  2. उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की व्यापक समीक्षा।
  3. SIR के तहत मतदाता सूची में जोड़, विलोपन और संशोधनों की स्वतंत्र समीक्षा।
  4. निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली, डेटा प्रबंधन और केंद्रीकरण का स्वतंत्र ऑडिट।
  5. मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने और प्रभावी सुनवाई का अवसर।
  6. चुनावी प्रक्रिया में संस्थागत जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना।

जिला से प्रखंड तक कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी।

कांग्रेस ने 28 सितंबर के कार्यक्रम को लेकर जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक संगठन को सक्रिय किया है। युवा कांग्रेस, NSUI, महिला कांग्रेस समेत विभिन्न प्रकोष्ठों और पार्टी पदाधिकारियों को मार्च में भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रेस वार्ता में पाकुड़ प्रखंड अध्यक्ष मनसारुल हक, पियारूल इस्लाम, युवा जिला अध्यक्ष बिलाल शेख, असद हुसैन (राजू) समेत अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी की जानकारी दी गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विरोध किसी संवैधानिक संस्था के अस्तित्व के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर है। पार्टी ने कहा कि 28 सितंबर के कार्यक्रम के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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