Search

June 27, 2026 4:32 pm

108 एम्बुलेंस की बदहाली पर पाकुड़ सीएस का संवेदनहीन बयान, बोले- ‘एमओयू खत्म है, हम क्या करें’

पाकुड़ में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, सिविल सर्जन के बयानों ने खोली व्यवस्था की पोल

पाकुड़ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी नर्सिंग होम के संचालन को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है।फोन पर पूछे गए सवालों के जवाब में पाकुड़ के सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने जो बयान दिए हैं, उससे स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फोन पर हुई इस बातचीत में जिले की चरमराती 108 एम्बुलेंस सेवा, अवैध नर्सिंग होम की बाढ़ और अस्पतालों से दवाओं की कथित हेराफेरी जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।

एमओयू खत्म है, वे लापरवाही करेंगे ही’

बातचीत के दौरान जब जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा की बदहाली और मरीजों को समय पर गाड़ी न मिलने का मुद्दा उठाया, तो सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने बेहद उदासीन लहजा अपनाते हुए कहा कि इसका एमओयू राज्य स्तर से ही खत्म हो चुका है।नया एमओयू होने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने आगे कहा, “जब एमओयू खत्म हो गया है, तो वे (एम्बुलेंस कर्मी) उतनी जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं? वे तो इसे अस्थायी व्यवस्था समझ रहे हैं।” सिविल सर्जन का यह बयान सीधे तौर पर जिले के मरीजों की जान को भगवान भरोसे छोड़ने जैसा है।

सरकारी दवाओं की हेराफेरी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर सफाई

सूत्रों के हवाले से जब सदर अस्पताल से सरकारी दवाइयां गलत तरीके से बाहर निजी हाथों में सप्लाई होने की बात कही, तो सिविल सर्जन ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी दवाओं पर ‘नोट फॉर सेल’ लिखा होता है, इसलिए कोई दुकानदार इन्हें नहीं खरीद या बेच सकता। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई पुख्ता सबूत मिले तो वे कार्रवाई करेंगे।वहीं, सदर अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों की मौत के आरोपों पर उन्होंने सफाई दी। पिछले दिनों हुई एक मरीज की मौत का जिक्र करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि डॉक्टर ने मरीज को सुबह ही रेफर कर दिया था, लेकिन परिजन उसे समय पर बाहर लेकर नहीं गए। मरीज की स्थिति गंभीर थी, इसलिए उसकी मौत हुई; ऐसा नहीं था कि डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं थे।

अवैध नर्सिंग होम और सुदूर इलाकों में स्वास्थ्य कैंप पर बोले सीएस

सदर अस्पताल के ठीक सामने बिना रजिस्ट्रेशन के खुल रहे एक नए निजी अस्पताल के बोर्ड पर जब सवाल हुआ, तो डॉक्टर मिश्रा ने कहा कि अभी सिर्फ बोर्ड लगा है, अस्पताल चालू नहीं हुआ है। जब वे हमारे यहां रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करेंगे, तब नियमों की जांच की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जिले में जितने भी नर्सिंग होम को निबंधन दिया गया है, वे फायर सेफ्टी की एनओसी मिलने के बाद ही दिए गए हैं। ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से चल रहे क्लिनिकों पर उन्होंने कहा कि डीसी के निर्देश पर बीडीओ, थाना प्रभारी और एमओआईसी की टीम जांच कर रही है।इसके अलावा, लिट्टीपाड़ा और अन्य सुदूरवर्ती इलाकों में कालाजार और अन्य बीमारियों के लिए लगने वाले कैंपों में सुस्ती के सवाल पर सिविल सर्जन ने कहा कि कार्यक्रम सुस्त नहीं हुआ है। एमपीडब्ल्यू (मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर) गांवों में जाकर मरीजों की खोज कर रहे हैं और दो दिन पहले ही उन्होंने इस संबंध में समीक्षा बैठक की है।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!